Lifestyle

कैंसर का कारण बन सकती है खाने पीने की ये चीज़े। अगली बार सोच समझ कर ही खाएं

बदलते वक़्त में हर कोई भाग दौड़ की ज़िंदगी जी रहा है। ऐसे में अपने शरीर को स्वस्थ और रोगमुक्त रखना बहुत मुश्किल है। बिना मेहनत के बनकर तैयार होने वाले फ़ास्ट फ़ूड ज़ुबान को चटकारे तो लगते हैं पर क्या ये हमारी सेहत के लिए सही है?

यहां कुछ ऐसे खाने की वस्तुएं दी गयी है जिनका सेवन कर्क रोग यानी कैंसर तक की वजह बन सकता हैं।

1. हॉट डॉग – यह एक ऐसा फ़ास्ट फ़ूड है जो हर बाज़ार में आसानी से मिल जाता है। इसके अंदर सुअर का मांस, चिकन, सोडियम नाइट्राइट, सोडियम एस्कोब्रेट, सोडियम फॉस्फेट, सोडियम लैक्टेट जैसी कुछ चीजें मौजूद होती हैं। अमरीकी शोधकर्ताओं के अनुसार इसका नियमित सेवन 18% तक कैंसर होने का खतरा बढा सकता है। पेट के कैंसर का मुख्य कारण हॉट डॉग जैसे फ़ास्ट फ़ूड ही पाए जाते हैं।

hotdog

2. जेनेटिकली मोडिफाइड फूड (GMOs) – यह उन कुछ खानों में से है जो पूर्ण रूप से कैंसर का कारण नही बनते पर इनकी कुछ किसमे कैंसर को जन्म दे सकती हैं। प्रकृति में पाए जाने वाले फ़ूड आइटम में बदलाव करके जेनेटिक इंजीनियरिंग से उनमें कुछ विशेष लक्षण डाले जाते हैं परंतु इनमे फेर बदल कैंसर जैसे कुछ गंभीर रोगों का भी कारण बनती है।

3. मैदा उत्पाद – मैदे से बने उत्पाद शरीर को किसी ना किसी तरह से नुकसान ही पहुचाते हैं। गेहूं से बने उत्पादों में मैदा सबसे खतरनाक माना जाता है। आधुनिकों रिसर्च में ऐसे कई परिणाम सामने आए है जिनमें मैदा ब्रैस्ट कैंसर का कारण पाया गया है। मैदे में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जिस से ब्लड शुगर बढती है, जो कैंसर कोशिकाओं के बढ़ने में सीधे रूप से ज़िम्मेदार है।

fastfood

4. संसाधित मांस (Processed Meat) – फ़ूड आइटम फ्रेश रखें जाने के लिए उसे बहुत से केमिकल प्रिजर्वेटिव के साथ पैक किया जाता है। विशेष रूप से मीट को प्रिजर्व करने के लिए सोडियम नाइट्राइट और सोडियम नाइट्रेट का प्रयोग किया जाता है।  यह दोनों ही ऐसे केमिकल है जो सीधे तौर पर कोलन और रेक्टम के कैंसर के लिए जिम्मेदार पाए गए हैं। पैक्ड और डिब्बाबंद मीट कि जगह प्राकृतिक मीट का सेवन स्वास्थ के लिए फायेदमंद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *